mandla लंबे इंतजार के बाद आखिरकार बुधवार दोपहर दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मध्यप्रदेश में प्रवेश कर लिया। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार मानसून ने प्रदेश के पूर्वी हिस्सों से दस्तक दी है और अब इसके अगले दो से तीन दिनों में प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में तेजी से फैलने की संभावना है।
मंगलवार तक मानसून छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में सक्रिय हो चुका था। मौसम विशेषज्ञों को उम्मीद थी कि मानसून बुधवार को मंडला, डिंडौरी, बालाघाट या अनूपपुर जिले के रास्ते मध्यप्रदेश में प्रवेश करेगा, जो अब साकार हो गई है।
इस वर्ष मानसून की रफ्तार पर करीब 10 दिनों तक ब्रेक लगा रहा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अल नीनो के प्रभाव और प्रतिकूल मौसम प्रणालियों के कारण मानसूनी बादलों की गतिविधि कमजोर पड़ गई थी। महाराष्ट्र पहुंचने से पहले ही मानसून की प्रगति धीमी हो गई थी, जिससे मध्य भारत में इसका आगमन विलंबित हुआ। हालांकि सोमवार से मानसून ने फिर गति पकड़ी और मध्य भारत की ओर तेजी से बढ़ना शुरू किया।
मानसून के देर से पहुंचने के कारण मंडला जिले सहित प्रदेश के किसानों की चिंता बढ़ने लगी थी। खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही थी और कई क्षेत्रों में किसान बारिश का इंतजार कर रहे थे। अब मानसून के प्रवेश से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है तथा बुवाई कार्य में तेजी आएगी।

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