मंडला जिले में सनसनीखेज मनेरी हत्याकांड मामले में अपर सत्र न्यायालय ने आरोपी को फांसी की सजा सुनाई है वर्ष 2020 में जिले के भाजपा नेता सहित छः लोगों की हत्या हुई थी जबकि पांच लोग घायल हुए थे। सजा का ऐलान होते ही मृतकों के परिजनों कोर्ट परिसर में ताली बजा कर रोने लगे छः साल से प्रतिक्षा कर रहे परिजन अपनी भावनाओं को रोक नहीं सके।
15 जुलाई 2020 दिन बुधवार को मंडला के मनेरी में भाजपा नेता राजेंद्र सोनी (रज्जन सोनी ) और उनके परिवार पर दो आरोपीयों ने धारदार हथियार से हमला किया था घटना में दो बच्चों सहित छः लोगों की मौत हुई है घटना के दौरान मौके पर पहुंची पुलिस पर भी आरोपीयों ने हमला किया था पुलिस की कार्रवाई में एक आरोपी की मौत हुई थी जबकि दूसरे आरोपी को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले अपर सत्र न्यायालय ने आरोपी हरिश सोनी को पुलिस पर हमला करने का दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।
मनेरी हत्याकांड – जब कोर्ट ने पूछा बच्चों को क्यों मारा
बुधवार को इस सनसनीखेज हत्याकांड मामले में अंतिम सुनवाई के दौरान सफाई दे रहे आरोपी से कोर्ट ने पूछा कि आखिर दो मासूम बच्चों को क्यों मारा था जिसके बाद पूरा कोर्ट में सन्नाटा पसरा गया। आखिर छः लोगों की हत्या और पांच लोगों को घायल आरोपीयों ने कैसे किया-
मीडिया प्रभारी अभियोजन जिला मंडला ने बताया कि संतोष उर्फ गुड्डा सोनी ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कराया था आरोपी हरी उर्फ हरीश एवं संतोष सोनी फरियादी के चचेरे भाई है इनके बीच लंबे समय से संबंध नहीं था आरोपीयों का लंबे समय तक बाहर रहने के कारण पीएम आवास योजना का आवास केसिल हो गया था लेकिन आरोपी मनेरी उपसरपंच विनोद सोनी और राजेंद्र सोनी को इसका दोषी मानते हुए रंजिश रखने लगे थे।
कुछ दिन पहले पैतृक मकान की शीट और गेट बैचने को लेकर भी आरोपी के सौतेले भाई ने मृतक राजेन्द्र सोनी से शिकायत किया था जिसको लेकर आरोपीयों के मन में रंजिश थी 15 जुलाई को फरियादी को एक व्यक्ति ने आकर फरियादी बताया कि दो आरोपीयों ने राजेंद्र सोनी और उनकी बेटी रानू उर्फ प्रिया की हत्या की है
मौके पर राजेंद्र सोनी और प्रिया ओधे पड़े थे शरीर में मिर्ची पाउडर थी और मौत हो चुकी थी पुरानी बस्ती वाले घर में जाकर देखा तो वहां पर विनोद सोनी और दो बच्चे ओम सोनी छः वर्ष श्रेयांस सोनी आठ वर्ष मृतक अवस्था में थे
दिनेश सोनी जो कि मृतकों के रिश्तेदार थे जिन्हें घटना की जानकारी मिली थी वे घटना स्थल में पहुंचे थे उनको भी तेज धारदार हथियार से मार दिया गया था पूरे घटनाक्रम के दौरान जो पांच लोग बचाने आए थे उन पर भी हमला किया गया था
पुलिस ने जांच कर अपर सत्र न्यायालय निवास में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत किया गया सभी पक्षों के तर्क और साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए अपर सत्र न्यायाधीश ने धारा 302 में मृत्यु दंड और 307 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई
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