कान्हा नेशनल पार्क में गस्ती दल को मादा बाघ का शव चट्टानों के बीच दबा मिला जिसके बाद पार्क प्रबंधन के व्दारा शव को निकलने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ी।
बुधवार को मिले शव को लेकर पार्क प्रबंधन सख्ते में है अपने आप में यह अजीब घटना है बाघ तो हमेशा चट्टानों के बीच मांद बनाकर रहता है आखिर यह केसे हुआ पार्क प्रशासन का कहना है कि बाघ ने जान बचाने के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया होगा लेकिन भारी भरकम चट्टान से वह बाहर नहीं निकल सका।
बारिश से चट्टान धसकने से बाघ की दर्दनाक मौत
जानकारी के अनुसार पार्क के मुंदी दादर क्षेत्र में यह शव चट्टान के नीचे दबा मिला बाघ की उम्र तकरीबन आठl वर्ष की है दरअसल इस समय पार्क में बाघों की गणना हो रही है गणना के लिए निकली टीम को दुर्गंध मिली नजदीक जाने पर उन्हें बाघ का शव मिला पार्क डारेक्टर रविन्द्र मणि त्रिपाठी ने बताया कि बाघ चट्टानों के बीच ही शरण लेते हैं संभावना है कि बीते दिनो हुई बारिश से मिट्टी खिसकी हो जिससे दो चट्टानों के बीच बैठे मादा बाघ के ऊपर चट्टान गिरी गई हो
पार्क के लिए 2025 ठीक नहीं रहा है कान्हा टाइगर रिजर्व में 28 जनवरी को मुककी क्षेत्र में 2 वर्षीय मादा बाघ का शव मिला था।19 फरवरी को किसली में 13 वर्षीय बाघिन मृत पाई गई। 2 मार्च को सुपखार में 5 वर्षीय नर बाघ की मौत हुई। 18 अप्रेल को किसली क़े जामुन टोला मे एक मादा बाघ की मौत हुई थी।
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