जन्मतिथी में हेरफेर रिटायर इंजीनियर को तीन साल की सजा

मंडला जिला के निवास अपर सत्र न्यायालय ने शुक्रवार को जन्मतिथि में हेरफेर करते वाले रिटायर इंजीनियर को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मंडला व्दारा सितंबर 2017 में रिटायर इंजीनियर के खिलाफ टिकरिया थाना में शिकायत की गई थी।

थाना में प्रस्तुत आवेदन के अनुसार सेवा निवृत्त सहायक यंत्री (रिटायर इंजीनियर) प्रकाश सिंह यादव ने 1983 में सम्राट अशोक टेक्नोलॉजी इंस्टिट्यूट से बीई सिविल की डिग्री हासिल की थी। 10-10-1983 को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में उपयंत्री के पद पर नियुक्त हुए थे। इनके व्दारा सेवा अभिलेख में 7-7-1964 जन्मतिथि दर्ज कराई थी।

रिटायर इंजीनियर की पोल एक आवेदन से खुली

2014 में विभाग को एक आवेदन मिला जिसमें प्रकाश सिंह यादव की हायर सेकंडरी अंकसूची में जन्मतिथि 7-7-1959 होने की सूचना दी गई थी । विभाग के उच्चाधिकारियों व्दारा जब माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल से डुप्लीकेट अंकसूची प्राप्त की गई तो उसमें जन्मतिथि 7-7-1955 लिखी मिली विभागीय जांच पूर्ण होने के बाद सहायक यंत्री की सेवा निवृत्ति कर थाना में मामला दर्ज कराया गया।

मीडिया प्रभारी अभियोजन मंडला के अनुसार टिकरिया पुलिस व्दारा मामले की विवेचना पूर्ण कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय में साक्ष्यों पर विचार करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी प्रकाश सिंह यादव वर्तमान उम्र 71 वर्ष को ध्यान में रखते हुए तीन वर्ष की सजा और 25 हजार रुपए का अर्थ दंड लगाया है।

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