कान्हा टाइगर रिजर्व में 22 मई से शुरू होगी  गिद्ध गणना

मंडला – कान्हा टाइगर रिजर्व में गिद्धों की संख्या और उनकी स्थिति का आकलन करने के लिए 22 से 24 मई 2026 के बीच ग्रीष्मकालीन गिद्ध गणना अभियान चलाया जाएगा। मध्यप्रदेश वन विभाग द्वारा आयोजित इस अभियान को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

जानकारी के मुताबिक कान्हा टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आने वाले वन क्षेत्रों में 13 चयनित परिक्षेत्रों में गिद्धों की गणना की जाएगी। इससे पहले 20 से 22 फरवरी 2026 के बीच हुई शीतकालीन गिद्ध गणना में कान्हा, किसली और सरही परिक्षेत्रों में कुल 224 गिद्ध दर्ज किए गए थे, जिनमें से लगभग 50 घोंसले भी चिन्हित किए गए थे।

वन विभाग ने बताया कि इस बार गणना कार्य गिद्ध आंकलन एवं संरक्षण हेतु विकसित डिजिटल मोबाइल एप “गरुड़” के माध्यम से किया जाएगा। मोबाइल एप के जरिए फील्ड स्टाफ निर्धारित तिथियों में सीधे डेटा अपलोड करेगा, जिससे गणना प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बन सकेगी।

विशेषज्ञों के अनुसार भारत में गिद्धों की नौ प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें अधिकांश विलुप्तप्राय श्रेणी में शामिल हैं। गिद्ध प्राकृतिक सफाईकर्मी की भूमिका निभाते हैं और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। मृत पशुओं के अवशेषों को तेजी से खत्म करने के कारण संक्रमण और बीमारियों के फैलाव को रोकने में भी उनकी अहम भूमिका मानी जाती है।

कान्हा टाइगर रिजर्व में मुख्य रूप से व्हाइट-बैक्ड गिद्ध, लॉन्ग-बिल्ड गिद्ध, रेड-हेडेड गिद्ध और किंग वल्चर जैसी प्रजातियां देखी जाती हैं। वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि पशुओं के उपचार में डायक्लोफेनाक दवा का उपयोग न करें, क्योंकि यह गिद्धों के लिए घातक साबित होती है।

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